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भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा ऊर्जा-उत्सव ‘उमंग 2015’ के उद्घाटन के अवसर पर अभिभाषण

spIमुझे यहां ऊर्जा-उत्सव ‘उमंग2015’में आपके बीच इस ऊर्जात्मक और उत्साहित वातावरण,जो कि आपके बढ़-चढ़कर भागीदारी द्वारा तैयार किया गया है,आने में खुशी है। सर्वप्रथम मैं, दिल्ली के शिक्षा विभाग, टाटा कंपनी समूह और राष्ट्रपति सचिवालय के इस नवोन्मेष कार्यक्रम के लिए प्रशंसा करता हूं।

भारत के राष्ट्रपति द्वारा सेंट पाल कैथेड्रल में कोलकाता डायोसेस के द्विशताब्दी समापन समारोह पर अभिभाषण

1. मैं यहां उत्तरी भारत के चर्च कोलकाता डायोसेस के द्विशताब्दी समापन समारोह पर उपस्थित होकर प्रसन्न हूं। सर्वप्रथम मैं इस ऐतिहासिक संस्था को इसकी सेवा की सफल यात्रा और कोलकाता शहर और पूरे समाज के लिए प्रतिबद्धता पर मुबारकबाद देता हूं।

भारत के राष्ट्रपति द्वारा कोलकाता में एशियाटिक सोसायटी में राष्ट्रीय अखंडता पर इंदिरा गांधी स्मृति व्याख्यान

s 1. मैं वर्ष 2013में एशियाटिक सोसायटी इंदिरा गांधी स्मृति व्याख्यान देने में अपने आपको सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं परिषद के सदस्यों और एशियाटिक सोसायटी के सलाहकार बोर्ड के सदस्यों के प्रति व्याख्यान देने हेतु मुझे आमंत्रित करने के लिए आभार प्रकट करता हूं।

कर्नाटक सेंट्रल यूनिवर्सिटी के द्वितीय वार्षिक दीक्षांत समरोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

speech1. मैं कर्नाटक के केंद्रीय विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर बहुत खुश हूं। यह विश्वविद्यालय वर्ष 2009 में आरंभ किए गए 16केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है। ये विश्वविद्यालय बहुधा देश के पिछड़े क्षेत्रों में स्थापित किए गए थे ताकि लोगों को उच्चतर शिक्षा सुलभ कराई जा सके।

भारत के राष्ट्रपति द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एण्ड न्यूरोलाजिकल साइंसिज (निमहैन्स), बंगलौर को एक राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान के रूप में देश को समर्पित करने के अवसर पर अभिभाषण

speechमैं आज इस ऐतिहासिक अवसर पर यहां आकर प्रसन्न हूं। जैसा कि हम जानते हैं कि नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ मैन्टल हेल्थ एण्ड न्यूरोलोजिकल साईंसिज अथवा निमहैन्स को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए जाना जाता है। 1850से इसकी आरंभिक यात्रा से, निमहैन्स, आज राष्ट्रीय महत्त्व के अग्रणी संस्थान के रूप में विकसित हो गया है। नीमहन्स ने निषेध और पुनर्वास के साथ देखभाल को

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम वेदपाठशाला के उद्घाटन के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

speech1. एआई-भीमवरम में आज वेदपाठशाला का उद्घाटन करना मेरा सौभाग्य है। मुझे विश्वास है कि वेदपाठशाला वैदिक ज्ञान,वाचिक परंपराओं तथा हमारी विरासत के प्रोत्साहन केंद्र के रूप में उभरेगा। मैं वैदिक शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लाभ के लिए वेदपाठशाला खोलने की पहल के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को बधाई देता हूं।

भारतीय आर्थिक संघ के 98वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

SPEECH1. मुझे, भारतीय आर्थिक संघ के 98वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर आज आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हुई है। भारतीय आर्थिक संघ के साथ मेरा एक लंबा संबंध रहा है,इसलिए जब मुझे वर्तमान सत्र के उद्घाटन के लिए डॉ.

स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तीकरण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन

स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तीकरण कार्यक्रम के  शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन

‘स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तीकरण’ के विषय पर यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मैं ब्रह्माकुमारी संस्थान की सराहना करती हूं।

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