संसद के समक्ष भारत के राष्ट्रपति का अभिभाषण
माननीय सदस्यगण,
1. मैं, आशा और आकांक्षाओं से भरपूर इस नववर्ष में संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में आपका स्वागत करता हूँ। मेरा विश्वास है कि आपकी चर्चा सार्थक और उपयोगी होगी।
माननीय सदस्यगण,
1. मैं, आशा और आकांक्षाओं से भरपूर इस नववर्ष में संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में आपका स्वागत करता हूँ। मेरा विश्वास है कि आपकी चर्चा सार्थक और उपयोगी होगी।
मुझे, राजस्थान सेक्टर में भारत के सबसे पुराने और प्रमुख हवाई ठिकानों में से एक वायुसेना स्टेशन, जोधपुर में 21 स्क्वाड्रन तथा 116 हैलीकॉप्टर यूनिट को ध्वज प्रदान करने के लिए आज यहां आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन विशिष्ट उड़ाका यूनिटों का गौरवपूर्ण इतिहास और पेशेवराना उत्कृष्टता की शानदार विरासत रही है। अपने गठन के समय से ही उन्होंने राष्ट्र की शानदार सेवा की है और हमें गौरवान्वित किया है। उनकी समृद्ध विरासत तथा उत्कृष्टता प्राप्ति की दिशा में शानदार प्रयासों ने दूसरों के द्वारा अनुकरणीय मापदंड स्थापित किए हैं। निस्वार्थ समर्पण, पेशेवराना निष्पादन तथा कठिनाइयों के समक्ष उनके साहस के लिए
1. मुझे, ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान स्थापित,आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान,मंडी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। कमंड घाटी में स्थित आपके संस्थान में आना अत्यंत सुखद है,जो अपनी नैसर्गिक और प्राकृतिक सौंदर्य आकर्षित करती है। स्थानीय कृषकों की सरल जीवन शैली,उनके पारंपरिक गीत, नृत्य और शिल्प इस स्थान की सहज भव्यता और वैभव को बढ़ा देते हैं।
सर्वप्रथम, मैं समावेशी नवान्वेषण संबंधी वैश्विक गोलमेज सम्मेलन के विशिष्ट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। मैंने प्रोफेसर गुप्ता द्वारा प्रस्तुत इस मंच की परिचर्चाओं के परिणामों के सार को बड़े ध्यान से सुना है। मैं दो विशिष्ट प्रतिभागियों को भी उनके नजरिए प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मेरे अनुसार, यह विषय ऐसे किसी भी देश के लिए प्र
देवियो और सज्जनो,
1. सर्वप्रथम, मैं आपको और आपके माध्यम से भारत की सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं तहेदिल से शुभकामनाएं देता हूं।
1. मुझे ‘भारत और प्रथम विश्वयुद्ध’ विषय पर स्मारक प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए मानेक शॉ सेंटर में इस शाम आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले, मैं प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अपना जीवन न्योछावर करने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी के सम्मान और गौरव की स्मृति में इस प्रदर्शनी के आयोजन हेतु भारतीय सशस्त्र सेनाओं की सराहना करता हूं।
1.गांधी के सपनों के स्वच्छ और समर्थ भारत पर इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन के लिए आज आपके बीच उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। सर्वप्रथम,इस अत्यंत प्रासंगिक विषय पर इस सेमिनार के आयोजन के लिए राजघाट समाधि समिति की मैं सराहना करता हूं। मैं विशिष्ट सभा के समक्ष अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करने के लिए भी समिति का धन्यवाद करता हूं।
1.मुझे आज यहां आकर देश के सबसे पुराने और उच्च शिक्षा के अग्रणी केंद्रों में से एक पंजाब विश्वविद्यालय के चौंसठवें दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनकर प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले मैं, यहां आमंत्रित करने तथा इस सम्माननीय समूह को संबोधित करने का अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय का धन्यवाद करता हूं।