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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित ‘एकता और विश्वास के द्वारा महाराष्ट्र का स्वर्णिम भविष्य’ कार्यक्रम में सम्बोधन

आज विश्व शांति सरोवर में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “एकता और विश्वास के माध्यम से स्वर्णिम महाराष्ट्र” अभियान के शुभारंभ के अवसर पर आप सबके बीच आकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। मैं इस आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान को हार्दिक बधाई देती हूँ।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन समारोह में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन समारोह में सम्बोधन(HINDI)

 महाप्रभु जगन्नाथ की कृपा से मुझे इस भूमि पूजन के शुभारंभ का अवसर मिला है। मैं महाप्रभु जगन्नाथ के चरणों में कोटि-कोटि नमन करती हूं। इस पावन अवसर से मुझे जोड़ने का माध्यम बनने के लिए मैं Shri Jagannath Spiritual and Cultural Charitable Centre Trust के पदाधिकारियों की हृदय से सराहना करती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ‘सशक्‍त नारी समृद्ध दिल्‍ली’ कार्यक्रम में सम्बोधन

आज, महिला सशक्तीकरण से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इस समारोह का विषय “सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली”, अत्यंत प्रासंगिक है। मुझे खुशी है कि इस अवसर पर ‘मेरी पूँजी मेरा अधिकार’, ‘सहेली पिंक स्‍मार्ट कार्ड’ और ‘दिल्‍ली लखपति बिटिया’ जैसे नारी सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। मुझे विश्वास है कि ये सभी कल्याणकारी योजनाएं, दिल्ली की बहनों-बेटियों को सशक्त बनाते हुए समृद्ध दिल्ली के निर्माण के लक्ष्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगी। मैं जनहित की इन पहलों की शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और उनकी पूर

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधन

देश और समाज में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करने वाले इस आयोजन में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं सभी देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। यह अवसर, नारी शक्ति की उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ-साथ उनके सशक्तीकरण के लिए संकल्प लेने का अवसर भी है। मुझे बताया गया है कि #SheLeadsBharat थीम के अंतर्गत, आज सुबह इंडिया गेट से विजय चौक तक ‘शक्ति वॉक’ का आयोजन किया गया। उस वॉक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया और विकसित भारत की राष्ट्रीय यात्रा में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। मैं उन सभी प्रतिभागियो

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जल महोत्सव 2026 के अवसर पर संबोधन

‘जल महोत्सव’ के इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मुझे बताया गया है कि ग्रामीण पेयजल सेवा वितरण में जन भागीदारी और सामुदायिक स्वामित्व को मजबूत करने के उद्देश्य से देश भर में ऐसे जल महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। यह बहुत ही खुशी का विषय है कि वर्तमान में लगभग 82 प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल से जल की आपूर्ति उपलब्ध है जो वर्ष 2019 में, यानी, ‘जल जीवन मिशन’ के शुरुआत के समय, केवल 17 प्रतिशत ही थी। इस असाधारण सफलता के लिए मैं जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर.

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ‘पर्पल फेस्ट’ के अवसर पर सम्बोधन

 दिव्यांगजनों की क्षमताओं और उपलब्धियों के उत्सव, ‘पर्पल फेस्ट’, में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आप सब ने अमृत उद्यान के प्राकृतिक सौन्दर्य का आनंद उठाने के साथ-साथ आज यहां आयोजित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। मुझे विश्वास है कि इससे न केवल आपका मनोरंजन हुआ होगा बल्कि आपको बहुत कुछ सीखने को भी मिला होगा।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना समारोह में संबोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना समारोह में संबोधन (HINDI)

प्रभु श्रीराम ने जिस अयोध्या नगरी में जन्म लिया उसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना ही मैं अपना परम सौभाग्य मानती हूं। स्वयं प्रभु श्रीराम ने अपनी इस जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था:

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का डॉक्टर श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी के 119वें जन्मदिवस समारोह के अवसर पर सम्बोधन

श्री शिवकुमार स्वामीजी की जयंती और गुरुवंदना के शुभ अवसर पर यहां उपस्थित होकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।

मैं मानती हूं कि श्री शिवकुमार स्वामीजी जैसे संत, हमारे समाज और राष्ट्र की आत्मा को स्वरूप प्रदान करते हैं। उनका भौतिक शरीर वर्ष 2019 में परम तत्व में विलीन हो गया परंतु उनकी अध्यात्म धारा, समाज का और देश का सदैव सिंचन-पोषण करती रहेगी। हमारी परंपरा में प्रार्थना है:

जीवेम शरद: शतम्, ... भूयश्च शरद: शतात् ।

अर्थात,

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