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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। दीक्षांत समारोह, शिक्षा के एक चरण के सम्‍पन्‍न होने के साथ-साथ वह महत्‍वपूर्ण अवसर भी होता है, जब शिक्षण संस्‍थान, प्रशिक्षित और समर्पित विद्यार्थियों के एक समूह को देश हित में कार्य करने के लिए समाज को सौंपते हैं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का AIIMS नागपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संबोधन

नागपुर की इस पवित्र भूमि पर आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। कल ही हम देशवासियों ने भारत के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जन्म जयंती मनाई है। आज उनकी दीक्षा भूमि नागपुर की इस धरती से मैं उनकी पुण्य स्मृति को नमन करती हूं।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का नालंदा विश्वविद्यालय, बिहार के दीक्षांत समारोह में संबोधन

नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज का समारोह सभ्यतागत संकल्प को परिपुष्ट करता हैः वह संकल्प कि ज्ञान कायम रहेगा, संवाद की प्रधानता बनी रहेगी, और विद्या से मानवता की सेवा होती रहेगी। 

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन

बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मां दंतेश्वरी के इस पुण्य क्षेत्र में आने का अवसर मिलना मैं अपना सौभाग्य मानती हूं। मैं जब भी छत्तीसगढ़ आती हूं, मुझे लगता है कि मैं अपने घर आई हूं। यहां के लोगों से जो अपनत्व और स्नेह मुझे मिलता है, वह मेरे लिए अनमोल है। यह ऐसे कई नायकों की धरती है, जिन्होंने भारत भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मैं ऐसे स

ब्राज़ील के राष्ट्रपति महामहिम लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

ब्राज़ील के राष्ट्रपति महामहिम लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा  के सम्मान में आयोजित भोज  में  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  का अभिभाषण (HINDI)

महामहिम, आपके इस राजकीय दौरे पर भारत में आपका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। नई दिल्ली में एक सच्चे मित्र का पुनः स्वागत करना हमारे लिए विशेष आनंद का विषय है। मुझे ज्ञात है कि यह आपका भारत का छठा दौरा है। आपकी प्रत्येक यात्रा के साथ हमारे मैत्रीपूर्ण संबंध और भी सुदृढ़ हुए हैं।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के स्मृति पर्व (राजाजी उत्सव) में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के स्मृति पर्व (राजाजी उत्सव) में सम्बोधन (HINDI)

भारत माता के महान सपूत, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी के जीवन-वृत्त और विरासत के सम्मान में आयोजित इस उत्सव में आप सबके साथ शामिल होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आज मुझे राष्ट्रपति भवन में स्थापित की गई उनकी प्रतिमा का अनावरण करने का ऐतिहासिक अवसर मिला। मैं उनकी स्मृति को सादर नमन करती हूं। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को सम्मानित करके हमने भारत के आत्म-गौ

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय आरोग्य मेला - 2026 के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन

संत गजानन महाराज की पवित्र धरती शेगांव में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इस कार्यक्रम में आने से पहले मुझे उनकी प्रतिमा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्री गजानन महाराज जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन जन-कल्याण के लिए समर्पित किया था। उनका मंत्र ‘गण गण गणात बोते’ सभी जीवों को समान भाव से देखने की शिक्षा देता है। उनकी यह शिक्षा चिरंतन सत्य है। मैं उस महान संत की स्मृति में सादर नमन करती हूं।

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