भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में संबोधन
आज रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर आप सबके बीच आकर मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। रानी दुर्गावती जिनके नाम पर यह विश्वविद्यालय स्थापित है वे अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं। पिछले वर्ष ही गोंडवाना साम्राज्य की उस महान शासक और वीरांगना की 501वीं जन्म-जयंती देशवासियों ने मनाई थी। संयोग से आज से दो दिन बाद 24 जून को उनका 462वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती भारत की नारी शक्ति के शौर्य की प्रतीक हैं। वे सदैव नारी शक्ति के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगी। मैं महान रानी दुर्गावती की स्मृति में सादर नमन करती हूं।
देवियो और सज्जनो,






