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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में संबोधन

आज रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर आप सबके बीच आकर मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। रानी दुर्गावती जिनके नाम पर यह विश्वविद्यालय स्थापित है वे अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं। पिछले वर्ष ही गोंडवाना साम्राज्य की उस महान शासक और वीरांगना की 501वीं जन्म-जयंती देशवासियों ने मनाई थी। संयोग से आज से दो दिन बाद 24 जून को उनका 462वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती भारत की नारी शक्ति के शौर्य की प्रतीक हैं। वे सदैव नारी शक्ति के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगी। मैं महान रानी दुर्गावती की स्मृति में सादर नमन करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ओड़िशा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में ओड़िआ मूल सम्बोधन का हिन्दी रूपान्तरण

सबसे पहले मैं मयूरभंज की माटी पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करती हूँ। वे हमारे गाँव पहाड़पुर से होकर यहाँ आए हैं। वहाँ वे आदिवासियों के पवित्र स्थान गोषाणी पीठ और जाहेर थान गए थे। उन्होंने SLS Trust में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत भी की। प्रधानमंत्री के रूप में पहाड़‌पुर और राइरंगपुर अंचल में मोदी जी का यह प्रथम शुभागमन है। इससे पहले वर्ष 2004 में वे राइरंगपुर आए थे। तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

मोदी जी,

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण महा सम्मेलन में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  अध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण महा सम्मेलन में  सम्बोधन (HINDI)

जनजातीय समुदाय के सशक्तीकरण के लक्ष्य पर केन्द्रित इस महा- सम्मेलन में उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैं ब्रह्माकुमारी संस्था को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का एकीकृत जनजातीय विकास संस्थाओं और एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं के राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्बोधन

जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को समर्पित संस्थाओं के इस नेशनल कॉन्क्लेव में आज आपके बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

यह सम्मेलन tribal change agents का सम्मेलन है। आप सब पर जनजातीय समुदायों के कल्याण और विकास कार्यक्रमों को उनके गांव और घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। ऐसा करके आप सब जनजातीय समुदायों के भाई-बहनों के जीवन में बहुत अच्छा बदलाव ला सकते हैं।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सिक्किम पुलिस को राष्ट्रपति का निशान प्रदान करने के अवसर पर संबोधन

आज, मुझे सिक्किम पुलिस को असाधारण सेवा के लिए ‘राष्ट्रपति का निशान’ प्रदान करके अत्यंत प्रसन्नता हुई है। यह सम्मान सिक्किम पुलिस के सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है। मैं इस बल से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देती हूं। आज की parade में भाग लेने वाले सभी पुलिसकर्मियों को शानदार प्रदर्शन के लिए मैं विशेष बधाई देती हूं।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन

सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देती हूं।

यह सभी देशवासियों, विशेषकर सिक्किम के लोगों के लिए गर्व का विषय है कि सिक्किम अब पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तामांग, सरकार में उनके सहयोगियों और सिक्किम के सभी निवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं।

साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपकी इस यात्रा से हमारी साझेदारी और भी घनिष्ठ होगी।

महामहिम, 1962 में हमारे राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से ही, भारत और साइप्रस एक दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारी जांची-परखी मित्रता आपसी सम्मान, साझा मूल्यों, विश्वास, और एकजुटता पर आधारित है।

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