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Speeches

भारत के राष्‍ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्‍द का इंडिया टुडे सफाईगीरी समिट ऐंड अवार्ड्स समारोह में सम्‍बोधन

नई दिल्ली : 02.10.2019
भारत के राष्‍ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्‍द का इंडिया टुडे सफाईगीरी समिट ऐंड अवार

1. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के दिन स्वच्छता से जुड़े इस समारोह में भाग लेकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। मुझे बताया गया है कि अब से कुछ ही देर में, साबरमती के तट से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा, भारत को ‘खुले में शौच’ के अभिशाप से मुक्त घोषित किया जाने वाला है। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ का यह लक्ष्य प्राप्त करके सभी देशवासियों ने राष्ट्रपिता के प्रति सही अर्थों में सम्मान व्यक्त किया है। इसके लिए मैं प्रत्येक भारतवासी को बधाई देता हूं।

2. मुझे बताया गया है कि ‘खुले में शौच ’के अभिशाप से मुक्त हो जाने पर, बच्चों को होने वाली संक्रामक बीमारियों में कमी आई है। शौचालयों के निर्माण से, स्कूलों में बेटियों की उपस्थिति बढ़ रही है। बहू-बेटियों की गरिमा की रक्षा हो रही है। इसीलिए, कुछ क्षेत्रों में शौचालयों को ‘इज्ज़त-घर’ का नाम भी दिया गया है।

3. इसी 6 सितंबर को मुझे केंद्र सरकार के ‘स्वच्छ महोत्सव’ में भाग लेने और ‘स्वच्छ भारत मिशन’ में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को पुरस्कृत करने का अवसर मिला। आपके आज के इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की भागीदारी स्वच्छता के प्रति उसी व्यापक उत्साह को दर्शाती है।

4. सन 2014 की गांधी जयंती से आज तक, पिछले पांच वर्षों के दौरान हमारे देश में स्वच्छता के कार्यक्रमों ने एक जन-आंदोलन का रूप लिया है। मुझे प्रसन्नता है कि आप जैसे मीडिया समूहों ने सामाजिक सरोकार से जुड़े स्वच्छता के मुद्दे को प्रोत्साहन देने की पहल की है। इसके लिए मैं, श्री अरुण पुरी के नेतृत्व में, स्वच्छता अभियान में सक्रिय, ‘इंडिया टुडे’ की टीम को भी बधाई देता हूं।

देवियो और सज्जनो

5. बापू कहा करते थे कि ‘जब तक आप अपने हाथ में झाड़ू और बाल्टी नहीं उठाएंगे तब तक आप अपने गांव और शहर को साफ नहीं कर पाएंगे’। मुझे लगता है कि अपनी और अपने आस-पास की सफाई के लिए दूसरों पर निर्भर रहना हमारी सोच एवं समझ की कमी को दर्शाता है।

6. हम सब जानते हैं कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए देश के प्रधानमंत्री से लेकर ग्राम पंचायत के प्रधान तक सभी ने, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, भाग लिया है। अनेक क्षेत्रों के प्रसिद्ध और लोकप्रिय व्यक्तित्वों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

7. आज यहां ‘Most Effective Swachchta Ambassador Award’ से सम्मानित होने वाले, भारत रत्न से अलंकृत श्री सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट जगत में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। ये राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सांसद रहने का गौरव भी प्राप्त कर चुके हैं। मुझे बताया गया है कि इन्होंने ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के तहत आंध्र प्रदेश के एक गांव को adopt किया, तथा उस गांव को ‘खुले में शौच’ से मुक्त घोषित कराया। इसके अलावा भी, वे स्वच्छता अभियान से निरंतर जुड़े रहे हैं। जब सचिन तेंदुलकर जैसे youth icon किसी अभियान से जुड़ते हैं तो जनता पर, विशेषकर युवाओं पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है।

8. इनको शायद अपने सभी प्राप्त हुए पुरस्कार, हमेशा याद भी नहीं रहते होंगे। लेकिन, मुझे विश्वास है कि आज का ‘स्वच्छता एम्बेसेडर’ का सम्मान इन्हें सदैव अधिक मूल्यवान लगेगा क्योंकि यह अवार्ड ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के जरिए राष्ट्र-निर्माण से जुड़े इनके प्रयासों को मान्यता देता है।

9. ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की ऐतिहासिक सफलता सबकी भागीदारी से ही हासिल हो सकी है। आज के इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले स्टेक-होल्डर्स को सम्मानित किया गया है। मैं आप सभी पुरस्कार विजेताओं के योगदान की सराहना करता हूं।

देवियो और सज्जनो,

10. हम सभी जानते हैं कि गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रमों में स्वच्छता का महत्वपूर्ण स्थान था। बापू को सामूहिक और सार्वजनिक स्वच्छता के बारे में भारतवासियों की उदासीनता खटकती थी। वे प्रायः कहते थे कि व्यक्तिगत सफाई के पालन में हमारे देशवासी तत्पर रहते हैं परंतु सामूहिक ज़िम्मेदारी का उनमें अभाव रहता है।

11. स्वच्छता को गांधीजी आंतरिक गुण मानते थे। जिस सोच के कारण भारतवासियों में अस्वच्छता की दुखदाई आदत पड़ी हुई थी उसे दूर करना गांधीजी अनिवार्य मानते थे। इस संदर्भ में, मैं उनकी बात को उन्हीं के शब्दों में कहना चाहूंगा। गांधीजी ने कहा था कि,"साधुता के बाद स्वच्छता ही सबसे बड़ा गुण है। जिस प्रकार, मन अशुद्ध हो तो भगवत्कृपा प्राप्त नहीं हो सकती, उसी प्रकार यदि हमारा शरीर अस्वच्छ हो तो भी, ईश्वर की कृपा नहीं पा सकते। और अस्वच्छ नगर में रहने वाले व्यक्ति का शरीर स्वच्छ कैसे हो सकता है”। गांधीजी आंतरिक शुचिता और बाहरी सफाई, दोनों को महत्व देते थे।

12. सामूहिक स्वच्छता के लिए गांधीजी लोगों की आदत में सुधार लाना चाहते थे। वे कहा करते थे कि आम जनता का सहयोग प्राप्त किए बिना कोई भी सरकार जनता की आदतों को नहीं सुधार सकती। इसीलिए हमारे देश के स्वच्छता अभियान में जन-जागरूकता बढ़ाने और व्यवहार परिवर्तन को महत्व दिया गया है। इस प्रयास के कारण ‘स्वच्छ भारत मिशन’ केवल सरकार का अभियान न होकर, हर भारतवासी का अभियान बन गया।

13. राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के एक माह बाद सितंबर, 2017 में कानपुर में मुझे ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम का शुभारंभ करने का अवसर मिला था। मुझे प्रसन्नता है कि ईश्वरीगंज गांव के लोगों ने बड़ी ज़िम्मेदारी के साथ अपने गांव को ‘खुले में शौच’ से मुक्त किया था। यह उन ग्रामवासियों के उत्साह के कारण ही संभव हो सका था। उस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की सक्रियता को देखकर मैंने विश्वास व्यक्त किया था कि हमारे देशवासी ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

14. भारत के स्वच्छता अभियान से अनेक देश प्रेरित हो रहे हैं। सन 2018 में आयोजित ‘महात्मा गांधी इन्टरनेशनल सैनिटेशन कन्वेंशन’ का उद्घाटन करने का सुअवसर मुझे प्राप्त हुआ था। उस कन्वेंशन में 70 देशों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की थी। उसके बाद अनेक देशों में हमारे स्वच्छता अभियान के बारे में जिज्ञासा बढ़ी है। आप सबको यह जानकर भी प्रसन्नता होगी कि आज गांधी जयंती के दिन ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत जिस लक्ष्य को प्राप्त करने की घोषणा होने जा रही है उसके लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय किए गए Sustainable Development Goals के तहत सन 2030 तक की अवधि निर्धारित की गई है। यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि यह लक्ष्य 11 वर्ष पहले ही हमने प्राप्त कर लिया है। इस उपलब्धि का श्रेय आप सब व पूरे देश को जाता है।

15. देशभर में, स्वच्छता के काम में प्रतिदिन लगे हुए लाखों सफाईकर्मी बधाई के पात्र हैं। वे सुरक्षापूर्ण परिस्थितियों में काम करने के भी हकदार हैं। इसके लिए mechanised sewer cleaning को सुनिश्चित करना होगा तथा सफाई के लिए आधुनिक टेक्नोलोजी उपलब्ध करानी होगी। सभी सफाईकर्मियों के लिए सुरक्षा और सम्मान की ज़िम्मेदारी, सरकार और समाज, दोनों की ही है।

देवियो और सज्जनो,

16. पूरे विश्व के मीडिया ने इस वर्ष प्रयागराज में आयोजित कुम्भ मेले की रिपोर्टिंग की थी। विश्व की सबसे विशाल ‘टेम्परेरी टेंट सिटी’ कुम्भ नगरी में, करोड़ों यात्री आए थे। वहां स्वच्छता बनाए रखने के लिए जो अभूतपूर्व कार्य किया गया उसे अनेक देशों ने सराहा है। मुझे स्वयं वहां की उत्तम व्यवस्था, विशेषकर स्वच्छता प्रबंधन को देखकर प्रसन्नता हुई थी।

17. आज स्वच्छता से जुड़ी उपलब्धियों को लेकर गर्व का एक नया भाव देखने में आ रहा है। केंद्र सरकार के ‘स्वच्छता सर्वेक्षण’ में उच्च स्थान पाने के लिए शहरों के निकायों और नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है और उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव भी बढ़ता दिख रहा है। देश के लिए यह बहुत अच्छा बदलाव है। लेकिन, हमें स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट होकर अपने प्रयासों में शिथिल नहीं होना है। स्वच्छता निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इस अवसर पर ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के ‘ब्राण्ड एम्बेसेडर’ सचिन तेंदुलकर को मेरा सुझाव होगा कि आगामी वर्षों में भी स्वच्छता के लिए अपनी प्रतिबद्धता से देशवासियों को प्रेरित करते रहें।

18. स्वच्छता अभियान में बच्चों और युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है। मैं उन्हें विशेष रूप से बधाई देता हूं। हमारे आज के बच्चे और युवा विश्व-स्तर की सोच रखते हैं। वे चाहते हैं कि भारत, सभी क्षेत्रों में, विकसित देशों की बराबरी करे। मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे स्वच्छता के प्रयासों में उसी उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहें और समाज के सभी वर्गों को प्रेरित करते रहें।

19. इस प्रकार, स्वच्छता के क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों को भविष्य के लिए अच्छी तैयारी मानकर, हम सबको स्वच्छता के स्तर को ऊपर उठाना है। ODF प्लस के लक्ष्यों को हासिल करना है। स्वच्छता को सामूहिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना है। एक ऐसी सामूहिक सोच को आगे बढ़ाना है जिससे हर व्यक्ति यह सोचे कि मेरा घर, मेरी गली, मेरी सड़क, मेरा गांव, मेरा कस्बा या मेरा शहर सबसे अधिक साफ और सुंदर हो।

20. मैं स्वच्छता को राष्ट्र-निर्माण का एक आवश्यक आयाम मानता हूं। स्वच्छता की बुनियाद पर ही स्वस्थ भारत का निर्माण होगा, समृद्ध भारत का निर्माण होगा और सुंदर भारत का निर्माण होगा।

धन्यवाद

जय हिन्द!

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