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Speeches

भारत के राष्‍ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्‍द का अपोलो मेडिक्‍स अस्‍पताल, लखनऊ के उद्घाटन के अवसर पर सम्‍बोधन

लखनऊ : 24.02.2019
भारत के राष्‍ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्‍द का अपोलो मेडिक्‍स अस्‍पताल, लखनऊ के उ

1. हाल ही में पुलवामा में हमारे जवानों के बलिदान से देश भर के नागरिक गहरी पीड़ा में हैं। उत्‍तर प्रदेश के भी कई जवानों ने इस हमले में अपनी शहादत दी है। हमारी संवेदनाएं उन जवानों के परिजनों के साथ हैं। मैं, पूरे राष्‍ट्र की ओर से, उनकी शहादत को नमन करता हूं।

2. लखनऊ केवल उत्‍तर प्रदेश की राजधानी ही नहीं है अपितु आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के नगर के रूप में भी इसकी विशेष पहचान है। यहां पर राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय महत्‍व के अनेक संस्‍थान काम कर रहे हैं। चिकित्‍सा विज्ञान के क्षेत्र में संजय गांधी स्‍नातकोत्‍तर चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान बड़े पैमाने पर लोगों की सेवा कर रहा है। और अब, 300 से अधिक बिस्‍तरों वाले अपोलोमेडिक्‍स अस्‍पताल के शुरू होने से लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं अधिक आसानी से उपलब्‍ध हो सकेंगी। मुझे विश्‍वास है कि इस अस्‍पताल में लोगों को कम खर्च पर, अत्‍याधुनिक चिकित्‍सा सुविधाएं मिलेंगी। बीमारी की स्‍थिति में कम समय और कम दूरी पर इलाज उपलब्‍ध हो जाने से लोगों की बेहतर जीवन-रक्षा हो सकेगी। इसलिए, इस अवसर पर आपके बीच आने से मुझे प्रसन्‍नता हुई है।

3. मुझे बताया गया है कि 35 वर्ष पहले, 1983 में चेन्‍नई में पहला अपोलो अस्‍पताल खोला गया था। बहुत कम समय में ही इस समूह में कुल 71 अस्‍पताल शामिल हो गए हैं। इस के लिए मैं डॉ. प्रताप सी. रेड्डी और उनके सहयोगियों को बधाई देता हूं। इस अस्पताल को यहाँ तक लाने में, डॉ. घटानी जी का बहुत बड़ा योगदान है। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।

4. उत्‍तर प्रदेश के राज्‍यपाल श्री राम नाईक के कुशल मार्गदर्शन और कर्मठ मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व में उत्‍तर प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, प्राथमिक चिकित्‍सा, शिक्षा, सड़क, रेलमार्ग, इंटरनेट और मोबाइल कनेक्‍टिविटी जैसे क्षेत्रों में उल्‍लेखनीय प्रगति हुई है। इनसे लोगों का जीवन बेहतर हो रहा है।

5. हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी भी उत्‍तर प्रदेश से चुने गए हैं और गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह तो इसी लखनऊ के लोगों का लोकसभा में प्रतिनिधित्‍व करते हैं। प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य तथा श्री दिनेश शर्मा के साथ-साथ प्रदेश सरकार में महिला, परिवार एवं बाल कल्‍याण तथा पर्यटन मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी सहित सभी ने मिलकर लखनऊ एवं उत्‍तर प्रदेश की प्रगति के लिए भरपूर प्रयास किए हैं।

देवियो और सज्‍जनो,

6. बीमारियों से लोगों का बचाव करना और उनके स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार लाना, सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए देश भर में स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा शिक्षा से जुड़े इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। उन्‍नत स्‍वास्‍थ्‍य-रक्षा सेवाओं के लिए नए ‘एम्‍स’, आयुर्वेद विज्ञान संस्‍थान और मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला अस्‍पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और हर बड़ी पंचायत में वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्‍सकों की उपलब्‍धता बढ़ाने के लिए मेडिकल की पढ़ाई में पिछले चार वर्षों में ही 31 हजार नई सीटें बढ़ाई गई हैं। चिकित्‍सा शिक्षा में सुधार और तेजी लाने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का नए ढंग से गठन किया गया है।

7. अभी तक देश के लगभग 63 प्रतिशत लोगों को अपने और अपने परिजनों के इलाज का खर्च स्‍वयं ही उठाना पड़ता था। यह खर्च ग़रीब को और भी ग़रीब बनाता था। बीमारी से लड़ने के लिए लोगों को अपनी जमा-पूंजी और जमीन-जायदाद लगानी पड़ती थी।

8. इस स्‍थिति को देखते हुए भारत सरकार ने, पिछले वर्ष ‘आयुष्‍मान भारत’ योजना शुरू की है। इसके अन्‍तर्गत, देश के लगभग 10 करोड़ 74 लाख ग़रीब एवं पिछड़े परिवारों को स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा दी जानी है। लगभग 50 करोड़ लोग इस योजना के दायरे में शामिल हो सकेंगे। हर साल ऐसे प्रत्‍येक परिवार को पांच लाख रुपए तक की इलाज सहायता की व्‍यवस्‍था की गई है। सितम्‍बर, 2018 में योजना लागू होने के बाद से अब तक, लगभग 12.28 लाख लोगों का इलाज इसके अंतर्गत किया गया है। यह एक दूरगामी, जन हितकारी कार्यक्रम है जिसके सुपरिणाम आने वाले वर्षों में देश की खुशहाली के रूप में दिखाई देंगे।

9. केन्‍द्र सरकार ने दिसम्‍बर, 2014 में ‘मिशन इन्‍द्रधनुष’ प्रारम्‍भ करके टीकाकरण का सघन कार्यक्रम लागू किया है जिसके तहत अब तक, 87 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और 3.39 करोड़ से अधिक बच्‍चों का टीकाकरण किया गया है। ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में 4,900 से अधिक जन औषधि केन्‍द्र खोले गए हैं, जहां लोगों को 700 से अधिक दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। हृदय रोग में इस्‍तेमाल होने वाले स्‍टेंट की कीमतों में भारी कमी की गई है। इम्‍प्‍लांट्स सस्‍ते किए गए हैं और किडनी की बीमारी से परेशान भाइयों और बहनों के लिए डायलिसिस की सेवाएं निशुल्‍क तथा बहुत कम दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

देवियो और सज्‍जनो,

10. अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए स्‍वच्‍छता बहुत ही जरूरी है। गंदगी बहुत सी बीमारियों को बढ़ावा देती है। भारत सरकार ने ‘स्‍वच्‍छ भारत अभियान’ के माध्‍यम से लोगों में स्‍वच्‍छता का संदेश पहुंचाया है। देश भर में स्‍वच्‍छता का दायरा 2014 के लगभग 38 प्रतिशत से बढ़कर अब 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अब तक लगभग 9.23 करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं। इन शौचालयों के बनने से गरीबों की अनेक बीमारियों से सुरक्षा हो पा रही है। हम सबका कर्तव्‍य है कि देश को स्‍वच्‍छ बनाने के लिए हम जहां भी हों, स्‍वच्‍छता की शुरुआत वहीं से करें। अपने घर, पार्क, बाजार, ऑफिस या काम-काज के स्‍थल को स्‍वच्‍छ रखने में सरकार से ज्‍यादा हमारी अपनी भूमिका है, और हाल के वर्षों में उत्‍तर प्रदेश सरकार तथा आप लोगों ने इस क्षेत्र में बहुत ही अच्‍छा काम किया है, जिसके लिए आप बधाई के पात्र हैं।

11. उत्‍तर प्रदेश में लोगों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं बढ़ाने के अनेक उपाय किए गए हैं। लोगों को कम दामों पर दवाइयां उपलब्‍ध कराने के लिए प्रदेश भर में खोले गए 417 जन औषधि केन्‍द्रों में से 118 केन्‍द्र, सरकारी अस्‍पतालों में खोले गए हैं। 51 जिला चिकित्‍सालयों में उन्‍नत चिकित्‍सा सेवाएं उपलब्‍ध कराने पर तेजी से काम चल रहा है। प्रदेश के 13 चिकित्‍सालयों में डायलिसिस सेवाएं शुरू हो गई हैं और मार्च 2019 तक 30 जिला चिकित्‍सालयों में निशुल्‍क सी.टी. स्‍कैन सेवाएं प्रारम्‍भ हो जाएंगी। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में 81 नए प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों और अस्‍पतालों आदि का निर्माण कार्य चल रहा है। व्‍यापक स्‍तर पर नागरिकों तक स्‍वास्‍थ्‍यसेवाएं पहुंचाने के लिए लगभग 5,600 चिकित्‍सकों को स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं से जोड़ा गया है।

12. पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में इन्‍सेफ्लाइटिस की रोकथाम के लिए डब्‍ल्‍यू. एच. ओ. तथा यूनिसेफ के सहयोग से ‘एक्‍शन प्‍लान 2018’ लागू किया गया है। परिणामस्‍वरूप, जापानी इन्‍सेफ्लाइटिस से होने वाली दुखद मौतों की संख्‍यामें 2017 के मुकाबले 2018 में लगभग 68 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही, इसी अवधि में, इस रोग से ग्रस्‍त रोगियों की संख्‍या में भी लगभग 53 प्रतिशत की कमी आई है। यह एक अच्‍छा संकेत है। इस प्रयास के लिए, सरकार के साथ-साथ डॉक्‍टर और पैरा-मेडिक्‍स बधाई के पात्र हैं।

देवियो और सज्‍जनो,

13. जन-जन तक चिकित्‍सा सेवाएं उपलब्‍ध कराने की जिम्‍मेदारी बहुत महत्‍वपूर्ण है और इसे भली-भांति निभाने के लिए सरकार और सिविल सोसाइटी, निजी एवं चैरिटेबल संस्‍थाओं के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र मिलकर काम कर रहे हैं। यह सराहनीय है क्‍योंकि यह सेवा का काम है, मानवता का काम है।

14. इसमें अपोलो जैसे अस्‍पतालों की और चिकित्‍सा-कर्मियों की भूमिका महत्‍वपूर्ण है। आप लोग देश की बहुमूल्‍य सेवा कर रहे हैं। प्राथमिक चिकित्‍सा से लेकर सुपर-स्‍पेशियालिटी सुविधाएं देकर आप न केवल मानव-जीवन बचा रहे हैं अपितु देश का धन भी बचा रहे हैं। भारत के चिकित्‍सा समुदाय का सम्‍मान दुनिया भर में है। लोगों के इसी विश्‍वास के आधार पर अब मेडिकल टूरिज्‍म के माध्‍यम से देश को विदेशी मुद्रा और सद्भावना भी प्राप्‍त हो रही है।

15. हमारा चिकित्‍सा समुदाय, नागरिकों के स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा का बहुत महत्‍वपूर्ण कार्य कर रहा है। लोगों को रोगमुक्‍त करके और उनके स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा करके आप सब लोग देश की सेवा कर रहे हैं। इसलिए, आप इस देश के स्‍वास्‍थ्‍य-सेनानी हैं। आप के कंधों पर देश को स्‍वस्‍थ रखने की भारी जिम्‍मेदारी है।

16. मैं आप सभी के स्‍वस्‍थ जीवन और लम्‍बी आयु की कामना करता हूं।

 

धन्‍यवाद।

जय हिन्‍द।

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