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Speeches

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 13वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर संबोधन

नई दिल्ली : 25.01.2023

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर सभी देशवासियों, मतदाताओं, भारत निर्वाचन आयोग की पूरी टीम तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी प्रतिभागियों को मैं बधाई देती हूं।

आज Election Photo Identity Card प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आप सब युवा मतदाता, मतदाताओं की नई पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। आपकी पीढ़ी हमारे देश के भविष्य की कर्णधार है। मुझे विश्वास है कि आप सब, मतदान के महत्व के बारे में अपने संगी-साथियों को जागरूक बनाएंगे। यह भारतीय लोकतन्त्र और चुनाव प्रक्रिया को आपका अमूल्य योगदान होगा।

मतदाताओं में जागरूकता पैदा करने तथा मतदान प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर सुचारु रूप से सम्पन्न करने में सराहनीय योगदान देकर सिविल सेवा और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों और उनकी टीम ने देश की सेवा की है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी निष्ठावान अधिकारी तथा कर्मचारी राष्ट्र-सेवक कहलाने के हकदार हैं। हमारे देश की निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक सक्षम बनाने में योगदान देने वाले गैर-सरकारी संस्थान भी सराहना के पात्र हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न आयामों में विशिष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और संस्थानों को Best Electoral Practices के लिए National Voters Day Award प्रदान करके मुझे बहुत खुशी हुई है। मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देती हूं तथा यह आशा करती हूं कि वे अपने कार्यों को इसी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे। साथ ही, मुझे विश्वास है कि आज के पुरस्कार विजेताओं से प्रेरणा प्राप्त करके इन क्षेत्रों में कार्यरत सभी लोग और अधिक ऊर्जा के साथ अपना योगदान देंगे। हमारे लोकतन्त्र को सुदृढ़ बनाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले मीडिया संस्थान को भी मैं बधाई देती हूं।

भारतीय चुनावों की ऐतिहासिक यात्रा तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रयासों की एक प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुति की गई है। यह प्रदर्शनी रोचक भी है और ज्ञानवर्धक भी।

देवियो और सज्जनो,

मुझे बताया गया है कि वर्ष 1951-52 में आयोजित पहले आम चुनावों में मतदाताओं की संख्या 17 करोड़ से कुछ अधिक थी तथा लगभग 45 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2019 में आयोजित पिछले आम चुनावों में मतदाताओं की संख्या 90 करोड़ से भी अधिक थी तथा 68 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। आज मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 95 करोड़ हो गई है तथा निर्वाचन आयोग द्वारा 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य तय किया गया है। मैं इस लक्ष्य को प्राप्त करने के हर प्रयास की सफलता के लिए निर्वाचन आयोग तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को अग्रिम शुभकामनाएं देती हूं।

देवियो और सज्जनो,

यह हमारी चुनाव प्रक्रिया और हमारे लोकतंत्र की बहुत बड़ी उपलब्धि है कि लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। वर्ष 2019 के आम चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कुछ अधिक थी। साथ ही, यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि हमारे संसद के इतिहास में पहली बार, दोनों सदनों को मिलाकर, महिला सांसदों की संख्या 100 के आंकड़े को पार करते हुए 115 तक पहुंच गई है। ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक, हमारी बहनें और बेटियां सक्रिय योगदान दे रही हैं। उनकी सक्रियता और संख्या में और अधिक वृद्धि होनी चाहिए।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में Particularly Vulnerable Tribal Groups, दिव्यांगजनों, वयोवृद्ध मतदाताओं तथा transgender मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुगम और सक्षम बनाने के लिए आधुनिक टेक्नॉलॉजी का निर्वाचन आयोग द्वारा उपयोग किया जा रहा है। मुझे बताया गया है कि चुनाव संबंधी जानकारी विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए प्रसारित की जा रही है। इन प्रयासों के लिए मैं निर्वाचन आयोग की पूरी टीम की सराहना करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

एक जनसेवक के रूप में मेरा व्यक्तिगत अनुभव यह रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित वर्गों के भाई-बहन चुनाव प्रक्रिया में अधिक आस्था रखते हैं और बढ़-चढ़ कर भागीदारी भी करते हैं। सुविधा-सम्पन्न लोगों तथा युवाओं में चुनाव के प्रति अपेक्षाकृत कम उत्साह देखा जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने भी मतदान के प्रति इस उदासीनता को रेखांकित किया है। मेरा सभी नागरिकों से आग्रह है कि आप सब मतदान को राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान समझें तथा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना के साथ मतदान अवश्य करें।

आज निर्वाचन आयोग का बहुत सुंदर गीत हम सब ने सुना। अनेक भारतीय भाषाओं में इस गीत को प्रसारित करने की निर्वाचन आयोग की पहल अत्यंत सराहनीय है। इस गीत में भी मतदान के राष्ट्रीय कर्तव्य पर ज़ोर दिया गया है। इस गीत में यह संदेश दिया गया है कि:

"हम भारत भाग्य विधाता हैं

हम भारत के मतदाता हैं।

मतदान देने जाएंगे, भारत के लिए।”

देवियो और सज्जनो,

निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए जिन ध्येय वाक्यों को अपनाया गया है वे बहुत ही सराहनीय हैं। ‘No voter to be left behind’ यानि ‘कोई मतदाता, न छूटे’, यह वाक्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने का लक्ष्य स्पष्ट करता है। इस वर्ष की राष्ट्रीय मतदाता दिवस की theme है:

Nothing like voting, I vote for sure.

अर्थात

‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’। यह theme मतदाताओं के संकल्प को व्यक्त करती है। इस प्रकार, निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के सम्मिलित योगदान से हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को बल मिलता है।

देवियो और सज्जनो,

वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचन व्यवस्था की मांग हमारे स्वाधीनता संग्राम के दौरान उठाई जाती थी। जन-सामान्य में लोकतन्त्र के प्रति आस्था की इस भावना को संविधान के भाग 15 में अभिव्यक्ति मिली। संविधान सभा के सदस्यों ने भारत की सामान्य जनता के विवेक पर असीम विश्वास जताया तथा वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचन का प्रावधान सुनिश्चित किया। उनका यह विश्वास भारत की जनता ने फलीभूत किया है। भारत का लोकतन्त्र, विश्व के सबसे बड़े, जीवंत और स्थिर लोकतन्त्र के रूप में सम्मानित है। भारत का निर्वाचन आयोग विश्व के अनेक लोकतान्त्रिक देशों में चुनाव प्रबंधन के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करता है। भारतीय लोकतन्त्र और निर्वाचन प्रक्रिया की असाधारण सफलता के लिए मैं स्वाधीनता के बाद के चुनावों में भागीदारी करने वाले सभी मतदाताओं और निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई देती हूं। भारत में निर्वाचन प्रक्रिया की शानदार सफलता के पीछे विभिन्न राजनैतिक दलों, जनसेवकों,समाजसेवकों, मीडिया तथा गैर-सरकारी संगठनों का भी योगदान रहा है। इस अवसर पर, सभी देशवासियो की ओर से, उन सभी क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को भी मैं बधाई देती हूं।

यह कहा जा सकता है कि चुनावों के माध्यम से पिछले सात दशकों के दौरान हमारे देश में सामाजिक क्रान्ति संभव हुई है। यह हमारे लोकतंत्र की बहुत बड़ी सफलता है कि दूर-सुदूर क्षेत्रों में रहने वाला सामान्य मतदाता यह महसूस करता है कि देश अथवा राज्य की शासन-व्यवस्था कौन चलाएगा और कैसे चलाएगा यह तय करने में उसकी निर्णायक भूमिका है। संविधान में निहित सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में हमारा लोकतन्त्र निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि निर्वाचन आयोग तथा अन्य सभी प्रतिभागियों के सम्मिलित प्रयास से, हमारा लोकतन्त्र और अधिक सुदृढ़ बनेगा। इसी विश्वास और कामना के साथ, आप सब को एक बार बधाई देते हुए, मैं अपनी वाणी को विराम देती हूं।

धन्यवाद!

जय हिन्द!

जय भारत!

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