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अभिभाषण

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का नागरिक अभिनंदन समारोह में सम्बोधन

चंडीगढ़ : 29.11.2022
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आज हरियाणा के निवासियों ने जिस उत्साह के साथ मेरा स्वागत किया है उसके कारण, राष्ट्रपति के रूप में, आपके राज्य की मेरी पहली यात्रा मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगी।

आज ही कुरुक्षेत्र में गीता-यज्ञ की पूर्णाहुति तथा ‘अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव’ में भाग लेकर मुझे देश की प्राचीन और महान विरासत से जुड़ने का अवसर मिला। उसके बाद NIT कुरुक्षेत्र के दीक्षांत समारोह के दौरान आधुनिक technology को योगदान देने वाली नई पीढ़ी के साथ थोड़ा समय बिताने का अवसर भी मुझे मिला। आज के दोनों समारोह हरियाणा की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और सराहनीय आधुनिक विकास के प्रतीक कहे जा सकते हैं।

हरियाणा भारत की सबसे प्राचीन सभ्यता का केंद्र रहा है। वैदिक काल की सबसे महत्वपूर्ण नदी, सरस्वती का आशीर्वाद हरियाणा को प्राप्त था। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि राज्य-सरकार द्वारा सरस्वती धरोहर के बारे में जागरूकता पैदा करने और उसके संरक्षण के लिए ‘हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड’ गठित किया गया है। विलुप्त नदी सरस्वती के विषय में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए हरियाणा के दर्शन लाल जैन जी को वर्ष 2019 में पद्म भूषण पुरस्कार से अलंकृत किया गया था।

देवियो और सज्जनो,

देश के एक 1.4 percent से कम क्षेत्रफल तथा 2 percent से भी कम जनसंख्या के आधार पर, हरियाणा देश के समग्र विकास में बहुत बड़ा योगदान देता रहा है। हरियाणा के भाई-बहनों के परिश्रम और कुशलता का यह प्रभावशाली प्रमाण है। इसके लिए मैं हरियाणा सरकार और राज्य के सभी निवासियों की हृदय से सराहना करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

भारतीय राजनीति में अपना प्रतिष्ठित स्थान बनाने वाली सुश्री सुषमा स्वराज जी इसी धरती की सुपुत्री थीं। केवल 25 वर्ष की आयु में सुषमा जी हरियाणा सरकार में Cabinet Minister बनीं। वे दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने लोक सभा में विपक्ष की नेता के पद को सुशोभित किया। भारत की विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने अपने विवेक और संवेदनशीलता की विश्व पटल पर अमिट छाप छोड़ी है। अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कल्पना चावला ने पूरे विश्व में हरियाणा का गौरव बढ़ाया है। पद्मश्री से सम्मानित हरियाणा की सुश्री दीपा मलिक दिव्यांग बेटे-बेटियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं। संतोष यादव, साक्षी मालिक, फोगाट sisters और सुश्री रानी रामपाल जैसी हरियाणा की बेटियों ने राज्य का और भारत का मस्तक ऊंचा किया है। आने वाले 30 नवंबर को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के वितरण का कार्यक्रम तय हुआ है। राष्ट्रपति भवन में उस दिन हरियाणा की बेटियों सीमा पुनिया, अंशु और सरिता को सम्मानित करने का अवसर मुझे मिलेगा। मैं हरियाणा की इन बेटियों को अग्रिम बधाई देती हूं।

वर्ष 2020 के Olympic खेलों में स्वर्ण-पदक विजेता हरियाणा के नीरज चोपड़ा ने भारत का तिरंगा Tokyo में लहराया था। उसके बाद भी वे निरंतर हरियाणा और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। सरदार सिंह, बजरंग पुनिया, विरेन्द्र सिंह और सुमित अंतिल जैसे हरियाणा के अनेक खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की शान बढ़ाई है।

देवियो और सज्जनो,

हरियाणा के किसान भाई-बहनों ने देश की खाद्य सुरक्षा को अमूल्य योगदान दिया है। वर्ष 2019 में, अपने विशिष्ट योगदान के लिए हरियाणा के चार लोगों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उल्लेखनीय है कि उन चार व्यक्तियों में से तीन व्यक्ति - श्री सुल्तान सिंह, श्री नरेन्द्र सिंह और श्री कंवल सिंह चौहान – हरियाणा के किसान भाई थे। कृषि क्षेत्र में सफल आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए हरियाणा में Israel, Brazil और Netherlands जैसे देशों के सहयोग से उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

कृषि के साथ औद्योगिक उत्पादन तथा service sector में भी हरियाणा अग्रिम पंक्ति के राज्यों में शामिल है। Automobiles के उत्पादन में हरियाणा अग्रणी राज्य है। गुरुग्राम को Global City भी कहा जाता है। मुझे बताया गया है कि गुरुग्राम में 250 से अधिक Fortune-500 companies के कार्यालय हैं। प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से भी हरियाणा top-five states और union territories में शामिल है।

हरियाणा के सभी गांवों में बिजली की सुविधा उपलब्ध है। मुझे हरियाणा की ग्रामीण विद्युत योजना का यह उद्देश्य-वाक्य ‘म्हारा गांव, जगमग गांव’ बहुत अच्छा लगा। इसे कार्यरूप दिया गया है, यह मुझे और भी अच्छा लगा।

आर्थिक रूप से अपेक्षाकृत कमजोर परिवारों के लिए हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान’ की मैं सराहना करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

हरियाणा शूरवीरों की धरती है। हरियाणा के बहादुर जवानों ने सीमाओं की सुरक्षा के लिए असाधारण योगदान दिया है। 1971 के युद्ध में वीरता का अद्भुत इतिहास रचने वाले परम वीर चक्र से सम्मानित मेजर होशियार सिंह जी, जो बाद में ब्रिगेडियर के पद तक पहुंचे, इसी धरती के वीर सपूत थे। यह गर्व की बात है कि कारगिल युद्ध में अनेक वीर-सपूतों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। हरियाणा से अब तक तीन आर्मी चीफ, जनरल दीपक कपूर, जनरल वी. के. सिंह और जनरल दलबीर सिंह सुहाग भारत की सेना को अपना उच्च-स्तरीय योगदान दे चुके हैं।

देवियो और सज्जनो,

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी के नेतृत्व में जिस कुशलता के साथ हरियाणा के समग्र विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, उसके कारण हरियाणा के सभी निवासी उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

वर्ष 2014 में 871 की तुलना में आज 913 के gender-ratio तक पहुंचने की प्रगति-यात्रा के लिए हरियाणा सरकार और समाज की जितनी भी सराहना की जाए वह कम है। मैं चाहूंगी कि gender-ratio में सुधार की यह यात्रा आगे बढ़ती रहे तथा हरियाणा के भाई-बहन पूरे देश के सामने महिला सशक्तीकरण के उदाहरण प्रस्तुत करते रहें।

पंचायतों में महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व दिया जाना, उनके सशक्तीकरण का बहुत प्रभावी माध्यम है। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि भारत सरकार द्वारा दिए जा रहे ‘दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार- 2022’ में सोनीपत की जिला-पंचायत और करनाल जिले में मर्दान-हेड़ी की ग्राम-पंचायत को पुरस्कृत किया गया है।

देवियो और सज्जनो,

मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि वर्ष 2047 में, अमृत-काल के संपन्न होने के समय, भारत एक विकसित देश के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका होगा और उस सफलता में हरियाणा के निवासियों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। हरियाणा के सभी भाई-बहनों के उज्ज्वल भविष्य की मंगल-कामना करती हूं।

धन्यवाद,

जय हिन्द!

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