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अभिभाषण

भारत-चिली बिज़नस इवेन्ट में भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का सम्बोधन

संतियागो : 01.04.2019
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1. भारत-चिली व्यापार सम्मेलन के लिए यहां आने पर मुझे खुशी हुई है। वास्तव में, मेरी यात्रा अपने आप में ही विकसित हो रहे इन द्विपक्षीय संबंधों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। भारत के किसी राष्ट्रपति के द्वारा चिली की यह तीसरी यात्रा है और तीनों यात्राएँ पिछले 25 वर्षों में हुई हैं। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, चिली की यह मेरी पहली यात्रा है - और राष्ट्रपति बनने के बाद अपने देश से अधिकतम दूरी की यात्रा है।

2. चिली की जनता और सरकार ने हमारा गर्मजोशी से और विशेष स्वागत किया है। मैं स्वागत और वार्ता के लिए तथा ला’ मोनेदा में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए भी राष्ट्रपति पिनेरा का धन्यवाद करना चाहता हूं।

3. भौगोलिक रूप से चिली और भारत बहुत दूर-दूर हैं, लेकिन भीतरी तौर पर हमारे बीच कई समानताएं हैं। हमारे समुद्री तटों पर जिस जल प्रणाली की लहरें आती-जाती हैं - हम उसी एक ही हिन्द-प्रशांत जल प्रणाली का हिस्सा हैं। हमने इन महासागरों का उपयोग बुद्धिमत्ता पूर्वक किया है और वैश्वीकरण तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के माध्यम से इससे लाभान्वित हुए हैं। बहुपक्षीय व्यापारिक लेनदेन के माध्यम से मेहनत से प्राप्त लाभों को संरक्षित करना हमारे हित में है।

4. आपका देश रोमांचक स्टार्ट-अप संस्कृति वाले प्रतिभाशाली और उद्यमी लोगों का देश है। भारत भी दुनिया के सबसे बड़े स्टार्ट-अप केन्द्रों में से एक के रूप में उभरा है। चिली और भारत दोनों ही देशों में बढ़ते हुए शहरीकरण की प्रवृत्ति दिखाई देती है। 100 शहरी केन्द्रों को स्मार्ट शहर बनाने के मिशन के तहत अपग्रेड किये जाने के साथ भारत में तेज गति से शहरीकरण हो रहा है, जिसमें अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, पर्यावरण प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियां शामिल हैं। कई अन्य क्षेत्रों की तरह इन क्षेत्रों में भी हम एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं।

दोस्तो,

5. भारत के लिए और भारतीय व्यापार के लिए, चिली केवल एक बाजार भर नहीं है; यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक साझेदार देश है। लैटिन अमेरिका और प्रशांत गठबंधन में प्रवेश के लिए भारत की राह चिली से होकर गुजरती है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है और 2017-18 में यह 2.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। छब्बीस प्रमुख भारतीय व्यापार निगमों ने अब तक विभिन्न क्षेत्रों में चिली में लगभग 220 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है।

6. हालांकि हमारा द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ रहा है,यह अभी भी अपनी वास्तविक क्षमता से कम है। हम अपने व्यापारिक क्षेत्र का विस्तार करने और आर्थिक जुड़ाव के लिए नए रास्ते खोलने के लिए मिलकर काम करेंगे।

7. हम समुद्री अनुसंधान और वैज्ञानिक खोज के अन्‍य क्षेत्रों में सहयोग कर सकते हैं। भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में चिली के साथ अपने सहयोग को मजबूत करने के लिए भी उत्सुक है।

8. भारत में फ़ार्मास्यूटिकल क्षेत्र बहुत सक्षमता से बढ़ रहा है जो कम लागत, उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयों और टीकों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। बहुत सारे परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा को सस्ता और सुलभ बनाने में यह क्षेत्र मदद कर रहा है। भारत सरकार ने देश भर में लगभग 5,000 सस्ती दवा दुकानों की श्रृंखला आरम्भ की है।

9. चिली की सरकार के ‘फार्मेसीस पॉप्युलर्स’ या ‘पीपुल्स फ़ार्मेसी’ की पहल का आशय भी यही है। मुझे विश्वास है कि इस क्षेत्र में साथ मिलकर हम बहुत कुछ कर सकते हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकते हैं।

देवियो और सज्जनो,

10. भारत दुनिया में सबसे अधिक तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है।2019 और 2020 में, भारत की जीडीपी में 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की संभावना है। उम्‍मीद है कि 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन यूएस डॉलर तक पहुंच कर अब से दोगुनी हो जाएगी।

11. ये आंकड़े और अनुमान व्यवसाय के माहौल को सुधारने के लिए किए गए निरंतर नीतिगत सुधारों और प्रयासों का परिणाम हैं। हाल के वर्षों में, भारत ने उदार, पारदर्शी और वैश्‍वीकृत अर्थव्यवस्था के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। विदेशी पूंजी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए व्‍यापारिक खुलेपन के मामले में, भारत शीर्ष देशों में शामिल है।

12. भारत अभूतपूर्व तात्कालिकता की भावना के साथ अवसंरचना क्षेत्र का विकास कर रहा है। देश में राजमार्गों, शहरी और ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, नए रेलवे और माल ढुलाई गलियारों, बंदरगाहों, हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्कों, हवाई अड्डों और औद्योगिक गलियारों का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है। निर्माण कार्यों का शोर हर जगह सुनाई दे रहा है।

13. राजकोषीय और विनियामक प्रक्रियाओं में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं।2017 की गर्मियों में, भारत ने माल एवं सेवा कर प्रणाली आरंभ की। इससे हमारे देश के 29 राज्यों को एक साझा कर मंच मिला। इससे साफ-सुथरा और अधिक व्‍यवस्थिति कारोबारी माहौल तैयार हुआ है। इसके साथ-साथ, विश्व बैंक व्यापार सुगमता सूचकांक में, भारत 2014 में 142वें स्थान से बढ़कर 2018 में 77वें स्थान पर आ गया। यह 65-स्थानों की छलांग किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी छलांग है।

14. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समुदाय ने भारत की उपलब्धियों पर सकारात्‍मक उत्‍तर दिया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में, भारत ने एफडीआई में लगभग 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्राप्त किया और दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसे देखते हुए, भारत में चिली का अपेक्षाकृत कम निवेश एक विसंगति जैसा दिखता है। सदी की शुरुआत से, चिली की कंपनियों ने भारत में लगभग 150 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इसमें सुधार की जरूरत है।

15. चिली की दो सार्वभौम धन निधियां निवेश के मामले में सटीक निर्णयों के लिए विख्यात हैं। वे भारतीय अवसंरचनात्मक क्षेत्र में उपलब्‍ध अवसरों पर विचार कर सकते हैं। हम साथ मिलकर ऐसे निवेश उत्पाद डिजाइन कर सकते हैं जो चिली के आर्थिक और सामाजिक स्थिरीकरण कोष के साथ-साथ उसके पेंशन रिजर्व फंड के लिए भी काम कर सकें - और भारतीय विकास गाथा में अपनी भूमिका निभा सकें। इससे सभी के लिए लाभकारी परिस्थिति निर्मित होगी।

दोस्तो,

16. भारत की तरक्की कई अन्य देशों से भिन्न है। भारत ऐसा पहला प्रमुख देश है जो जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के साथ-साथ जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता की तीव्रता को कम करने के साथ ही औद्योगीकरण में तेजी से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। भारत ने 2022 तक 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 100 गीगावाट सौर ऊर्जा शामिल होगी।

17. भारत ने संकल्प लिया है कि 2030 तक, स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 40% हिस्‍सा स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का होगा। आपका देश भी दृढ़ संकल्प के साथ नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश कर रहा है और 2020 तक ऐसे स्रोतों से 20 प्रतिशत ऊर्जा उत्पन्न करने की अपेक्षा रखता है।

18. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में हमारे सहकार्य से हमारे दोनों देशों को आश्चर्यजनक लाभ होगा। और, मुझे लगता है ऐसा ही हमारी लीथियम साझेदारी में भी होगा।

19. हमेशा की तरह मुझे यहाँ भी पूरी आशा है कि भारत और चिली के कारोबारी नेता इस कार्यक्रम का उपयोग पुराने गठबंधन के नवीनीकरण, नए समीकरणों के निर्माण- और हमारे दोनों देशों को साझा समृद्धि की ओर ले जाने के लिए करेंगे। मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं - और मैं कामना करता हूँ कि आपके बीच ऐसे अनेक लाभकारी व्यापारिक सौदे कामयाब हों।

धन्यवाद।

मुचास ग्रासियास।

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