• Skip to Main Content /
  • Screen Reader Access

अभिभाषण

बोलिविया के राष्ट्रपति द्वारा अपने सम्मान में आयोजित राजभोज पर भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का सम्बोधन

सांता क्रूज़ : 29.03.2019
  • डाउनलोड : भाषण नई विंडो में खुलती है पीडीएफ फाइल. पीडीएफ फाइल को खोलने के लिए कैसे पता करने के लिए साइट के तल पर स्थित सहायता अनुभाग में देखें. ( 0.10 एमबी )

1. बन्धु ईवो मोरालेस, आपके गर्मजोशी भरे स्वागत उद्बोधन के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं। मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के शानदार आतिथि सत्कार के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूँ। आपके इस खूबसूरत देश में भारत की ओर से इस प्रथम राजकीय यात्रा पर आने की मुझे ख़ुशी है। और बोलिविया के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़े जाने पर भी मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।

2. वास्तव में यह यात्रा हमारे लिए बहुत खास है। महामहिम, जब मैंने आपके इस सुंदर देश की धरती पर पांव रखा, तो मुझे तत्‍काल विशेष लगाव और खुशी का अनुभव हुआ। यह आश्चर्य की बात है कि इतिहास के उतार-चढ़ाव भरे घुमावदार रास्ते से गुजरते हुए, हमारे दोनों देशों के ही लोगों को ‘इंडियन’ कहा जाता रहा! हम इस विशेष जुड़ाव को अपने दिलों में संजोकर रखते हैं और इसका पूरा-पूरा आनन्‍द लेते हैं।

3. दो प्राचीन सभ्यताओं के रूप में, हमारे बीच बहुत कुछ एक समान है। हमारे लोग सांस्कृतिक, भाषाई और जातीय विविधता से परिभाषित होते हैं, और विविधता में एकता हमारी साझा उपलब्धि है। हम 2019 को ‘अंतर्राष्ट्रीय स्वदेशी भाषा वर्ष’ के रूप में घोषित किए जाने में संयुक्त राष्ट्र में बोलीविया द्वारा निभाई गई भूमिका की गहरी सराहना करते हैं।

4. हमारे दोनों देश ‘तिवानाकु से लेकर हिमालय’ तक और उससे भी कहीं आगे तक प्राचीन ज्ञान, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य के भंडार हैं। हमारी कई आधुनिक चुनौतियों का समाधान उनमें छुपा हुआ है। इस कारण से और हमारी एकजुटता के लिए, हमने 2013 में संयुक्त राष्ट्र में "गोल्डन ग्रेन ऑफ़ एंडीज" के तौर पर प्रसिद्ध –किनोआ के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय किनोआ वर्ष’ के आरम्भ की आपकी पहल का समर्थन किया। और साथ ही 21 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किये जाने के प्रति आपके समर्थन और एकजुटता प्रदर्शित करने के प्रति भी हम आभारी हैं।

5. बन्धु ईवो मोरालेस, ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं, जहाँ भारत और बोलीविया एक दूसरे की प्रगति और विकास की यात्रा में अपना-अपना योगदान कर सकते हैं। आज, हमने खुद को विस्तारित द्विपक्षीय एजेंडे के लिए प्रतिबद्ध किया है और अपने संबंधों को घनिष्ठ बनाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। आइए, हम अपने लोगों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करें।

6. इन्हीं शब्दों के साथ, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि हम सब मिलकर:-

- राष्ट्रपति इवो मोरालेस आयमा के अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की;

-प्लुरीनेशनल स्टेट ऑफ़ बोलिविया के लोगों की सफलता और समृद्धि की; तथा

- भारत गणराज्य और प्लुरीनेशनल स्टेट ऑफ़ बोलिविया के बीच चिर-स्‍थायी मैत्री की कामना करें।

जल्लाल्ला इंडिया - बोलिविया फ्रेंडशिप!

मुचास ग्रासियास!

Go to Navigation