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प्रेस विज्ञप्ति

भारत के राष्ट्रपति ‘राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, कर्नाटक’ के 23वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

राष्ट्रपति भवन : 07.02.2021

भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द ने कहा कि कोविड-19 महामारी से दुनिया को सीख मिल गई है कि यदि हमारे आस-पास के अन्य लोग सुरक्षित नहीं है, तो हम भी सुरक्षित नहीं रह सकते। वे आज (7 फरवरी, 2021) बेंगलुरु में कर्नाटक के ‘राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय’ के 23वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछली एक सदी में आई इस पहली बड़ी महामारी ने हमें अप्रत्याशित सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहने की सीख दी। यद्यपि, कोविड-19 इस प्रकार का स्वास्थ्य-संकट प्रतीत होता है, जो कभी-कभार ही होता है, तथापि वैज्ञानिकों के एक वर्ग ने हमें आगे भी इसी तरह की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया ने सही सबक सीख लिया है। उन्होंने कहा कि कोविड-काल के बाद के समय में, विश्व को सार्वजनिक स्वास्थ्य-चर्या पर अधिक ध्यान देना होगा।

स्नातक शिक्षा पूरी कर रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि इस महान पेशे में प्रवेश के साथ ही उनके लिए मानवता की सेवा के अप्रत्याशित और अभूतपूर्व अवसर का द्वार खुल जाएगा। अब यह उन पर निर्भर करता है कि वे इन अवसरों का बेहतर उपयोग कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को घोषित केंद्रीय बजट में, 'स्वास्थ्य और कल्याण' के क्षेत्र को आत्म-निर्भर भारत के छह महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना गया है। देश में स्वास्थ्य-चर्या के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस राष्ट्रीय संसाधन का प्रभावी उपयोग उन जैसे स्नातकों के सक्रिय समर्थन और योगदान से ही संभव हो पाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य-चर्या की उपलब्धता सभी चरणों अर्थात - रोकथाम, निदान और उपचार में परिवर्तन के दौर से गुजरने वाली है। स्वास्थ्य-चर्या के क्षेत्र में कोई भी एक इकाई अकेले ही सेवाएं पहुँचाने और परिणाम प्राप्त करने में सक्षम नहीं हो सकती। इस क्षेत्र के विकास के लिए सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी और सहभागिता की तथा कथनी और करनी के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए नवाचार के उपयोग की आवश्यकता है।

राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि दुनिया में संबद्ध संस्थाओं के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक को संचालित करने वाले ‘राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय’ ने स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचारों में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही इस विश्वविद्यालय के संचालकों द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के कारण यह संस्थान, विश्व स्तर पर विश्वसनीय ब्रांड के रूप में उभरा है।

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